मधुमेह (डायबिटीज) का आयुर्वेदिक इलाज: प्राकृतिक तरीके
डॉ. वीरेन्द्र कुमार (MD, Ayurveda)
12 जून 2026
मधुमेह (Diabetes) एक गंभीर लाइफस्टाइल जनित बीमारी है, जो आज भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में तेजी से फैल रही है। एलोपैथी में इसे केवल नियंत्रित किया जा सकता है, जबकि आयुर्वेद में आहार, विहार (जीवनशैली) और प्राकृतिक जड़ी-बूटियों की मदद से मधुमेह के मूल कारणों को दूर करने का प्रयास किया जाता है।
डायबिटीज में फायदेमंद प्रमुख आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियाँ
- गिलोय (Giloy): इसे गिलोय स्वरस या काढ़े के रूप में लेने से इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है और रक्त शर्करा नियंत्रित होती है।
- मेथी दाना (Fenugreek Seeds): मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर रखें और सुबह खाली पेट इसका पानी पिएं व दाने चबाकर खाएं। इसमें मौजूद फाइबर ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करता है।
- करेला और जामुन (Bitter Gourd & Jamun): करेले का जूस और जामुन की गुठली का चूर्ण इंसुलिन स्राव को तेज करने में अत्यंत प्रभावकारी है।
आहार और जीवनशैली में सुधार
मधुमेह रोगियों को मीठा, तैलीय और भारी भोजन (कफ बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ) से परहेज करना चाहिए। प्रतिदिन सुबह कम से कम 30 मिनट योगासन (जैसे धनुरासन, पश्चिमोत्तानासन) और प्राणायाम (जैसे कपालभाति) करना ब्लड शुगर लेवल को सामान्य रखने के लिए रामबाण है।